प्रोफेसर, छात्र और सुख
एक प्रोफेसर की कहानी, जिसने जीवन को देखने का एक नया नजरिया अपने छात्रों को दिया।
प्रोफेसर संजय हमेशा अपनी क्लास में छात्रों को नई सीख दिया करते थे। एक दिन उन्होंने क्लास में घुसते ही कहा, आज मैं आप सब की परीक्षा लूंगा। फिर उन्होंने एक लिफाफे से छात्रों को प्रश्नपत्र देना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, किसी ने भी एक दूसरे की कॉपी में झांका या पूछने की कोशिश की, तो उसके नंबर काट लिए जाएंगे। सभी छात्रों ने प्रश्नपत्र पलटकर देखा और हैरान रह गए। प्रोफेसर बोले, क्या हुआ? एक छात्र बोला, सर, इसमें कोई प्रश्न तो है ही नहीं। बस एक सादा कागज है और बीचोंबीच काला बिंदु । प्रोफेसर बोले, इसे देखकर आपके मन में जो भी आए, वह लिख दीजिए। दस मिनट बाद प्रोफेसर ने सभी के उत्तर इकट्ठा किए और एक-एक कर पढ़ने लगे। हर छात्र ने उस काले बिंदु की व्याख्या लिखी थी। किसी ने लिखा था, यह दो बिंदुओं को मिलाकर बनाया गया है, तो किसी ने लिखा था, यह पहले चौकोर था, आद में इसे गोल किया गया। प्रोफेसर छात्रों से बोले, चिंता न कीजिए, इस परीक्षा का अंकों से कोई वास्ता नहीं। पर आप सबने अपना जवाब सिर्फ काले बिंदु तक सीमित रखा। किसी ने उस खाली सफेद हिस्से के बारे में कुछ नहीं लिखा। कुछ ऐसा ही हम अपनी जिंदगी के साथ भी करते हैं। काले दागों में हम इतना खो जाते हैं कि जिंदगी के सफेद पन्नों पर नजर ही नहीं जाती। हम तकलीफ, बीमारी या दुख को ही देखते हैं, जबकि जिंदगी की अच्छाइयों पर हमारी नजर ही नहीं जाती। क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे पास परेशान और दुखी होने के लिए कितने कारण हैं और खुश रहने के लिए कितने? अगर हम गिनने बैठे, तो पाएंगे कि हमारे पास खुशी के कारण दुख के कारण से कई गुना ज्यादा है। प्रोफेसर ने छात्रों को जीवन को देखने का एक नया नजरिया दिया था।
सीख ----
जीवन में सुख की जगह दुख से ज्यादा है,
इसलिए हमें खुश रहना चाहिए।
इस कहानी से आप ने क्या सीखा और ये कहानी आप को कैसा लगा और आप का क्या विचार है Comment करके जरूर बताएं।

Thanks for appreciate ✌️✌️
ReplyDeleteYes 😊😊😊
ReplyDeleteNice Motivational
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